Bihar Board Class 10th Hindi Important Subjective Quastion With Answer 2027 PDF Download

Bihar Board Class 10th Hindi Important Subjective Quastion With Answer 2027 PDF Download

यह प्रश्न बोर्ड परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि इसी से बार-बार प्रश्न पूछा जाता है। अतः इसे जरूर याद कर ले।
जानकारी विवरण
बोर्ड का नाम बिहार विद्यालय परीक्षा समिति (BSEB)
परीक्षा मैट्रिक वार्षिक परीक्षा 2027
कक्षा 10वीं
विषय हिंदी
पोस्ट का विषय Hindi Important Subjective Questions
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Class 10th Hindi Important Subjective 2027: Part 1

01. लेखक किस विडंबना की बात करते हैं? विडंबना का स्वरूप क्या है?
उत्तर :- लेखक भीमराव अंबेडकर का मानना है कि आधुनिक युग में भी जातिवाद का पोषण होना, इसके पोषकों की कमी नहीं होना, इस तरह की प्रथा को बढ़ावा देना विडंबना की बात है। हमारे देश में विडंबना का स्वरूप यह है कि लोगों के कार्यकुशलता के आधार पर श्रम विभाजन ना होकर जाति के आधार पर श्रम का विभाजन होता है।
2.जाति भारतीय समाज में श्रम विभाजन का स्वाभाविक रूप क्यों नहीं कही जा सकती है?
उत्तर :- भारतीय समाज में जाति श्रम विभाजन का स्वाभाविक रूप नहीं कही जा सकती है क्योंकि यह व्यक्ति के इच्छा के विरूहद होती है। किसी भी व्यक्ति के कार्यकुशलता के आधार पर श्रम विभाजन होनी चाहिए, ताकि व्यक्ति अपने माता-पिता के पुराने पेशा को छोड़कर कुछ नया काम कर सके जिसमें उसकी रुचि ‘हो। लेकिन वर्तमान समय में भी हमारे देश एवं समाज में यह देखने को मिलता है कि व्यक्ति के जाति अनुसार ही कार्य करना पड़ता है।
3.लेखक आज के उद्योगों में गरीबी और उत्पीड़न से भी बड़ी समस्या किसे मानते हैं और क्यों?
उत्तर :- लेखक आज के उद्योगों में गरीबी और उत्पीड़न से भी बड़ी समस्या जाति प्रथा को मानते हैं जिसके कारण लोगों के बीच श्रम विभाजन जैसी समस्या फैली हुई है। जाति प्रथा के कारण ही व्यक्ति जीवन भर के लिए एक ही पेशे में बंध जाते हैं जिस कार्य को अरुचि के साथ केवल विवशतावश करते हैं। जिसके कारण व्यक्ति अपने देश एवं समाज का विकास सही रूप से नहीं कर पाता है।
4.काशू और मदन के बीच झगड़े का कारण क्या था ? इस प्रसंग द्वारा लेखक क्या दिखाना चाहता है ?
उत्तर – लेखक के अनुसार काशू और मदन के बीच झगड़े का कारण लू खेल को माना जाता है। क्योकि मदन को जब सेन साहब (काशू के पिता) के ड्राइवर के दवारा गाड़ी छूने नहीं दिया गया तथा उसे धकेल भी दिया गया था। उसके घुटने से खून भी बहने लगा था इस बात का गुस्सा मदन के मन में बना हुआ था। जिसके कारण मदन काशू को लट्ू खेलने नहीं देता और दोनों के बीच झगड़ा हो जाता है। इस प्रसंग के द्वारा लेखक यह दिखाना चाहते है, कि वालक अमीरी तथा गरीवी नहीं देखता वह अपमान सहन नहीं करता है। बच्चों में भी प्रतिशोध की भावना जगती है ।
5.खोखा किन मामलों में अपवाद था ?
उत्तर – खोखा जीवन के नियमों के साथ-साथ घर के नियमों में भी अपवाद था । क्योकि सेन साहब की पाँच बेटियों के बाद उनको एक बेटा हुआ था | जो उनके बुढ़ापे की आंखों का तारा था | अर्थात सेन साहब को बेटा तब नसीब हुआ जब पति-पल्ली दोनों बुढ़ापे के अंतिम पड़ाव पर पहुंच चुके थे। खोखा को बहुत सारे छुट दे रखा गया था। जबकि उनकी बेटियों के लिए बहुत सारे नियम बने थे।
6.विष के दाँत कहानी का नायक कौन है तर्कपूर्ण उत्तर दें। अथवा आपकी दृष्टि में कहानी का नायक कौन है ? तर्कपूर्ण उत्तर दें ।
उत्तर – हमारी दृष्टि में कहानी के नायक मदन है । क्योंकि जो बुराई का अंत करता है उसे ही नायक माना जाता है। एक दिन की बात है जब मदन अपने कुछ दोस्तों के साथ लटू नचा रहा था उसी समय खोखा वहां आकर कहता है मैं भी खेलूंगा लेकिन जब मदन उसे मना कर देता है तो वह मदन को मारने लगता है। मदन भी गुस्से में आकर खोखा को मारना शुरू कर दिया तथा उसके दो दांत तोड़ दिये। मदन एक ईमानदार और स्वभिमानी लड़का है। जो अपने ऊपर होने वाले अत्याचार को नहीं सहना चाहता है। अतः हम कह सकते हैं कि इस कहानी के नायक मदन है।
7.धमों की दृष्टि से भारत का क्या महत्व है?
उत्तर :- धर्मो की दृष्टि से भारत का काफी महत्व है। भारत प्राचीनकाल से ही धार्मिक विकास का केन्र है क्योंकि भारत देश में अनेक ऋषि-मुनियों का जन्म हुआ है। यहाँ के ऋषि-मुनियों के ज्ञान का प्रकाश पूरी दुनिया में फैली है। भारत वैदिक धर्म की भूमि है। बौद्ध धर्म एवं जैन धर्म की ज्ञान-स्थली एवं जन्मभूमि है। कबीर, स्वामी विवेकानंद दयानंद सरस्वती जैसे कई महान संत हुऐ जिसने पूरी दुनिया को अध्यात्म का पाठ सिखाया ।
8. भारत किस तरह अतीत और सुदूर भविष्य को जोड़ता है? स्पष्ट करें।
उत्तर – भारत एक प्राचीन सभ्यता वाले देश है। यहाँ सिन्धुघाटी सभ्यता जैसे नगरीय सभ्यता का विकास हुआ था। यहाँ मानवीय जीवन का पूराने ज्ञान-विज्ञान मौजूद है। भारत की भूमि प्राचीन इतिहास कई घटनाओं से जुड़ी है। वर्तमान समय में भी किसी भी प्रकार के समस्या को दूर करने के लिए भारत एक महत्वपूर्ण देश है। आगे आने वाली पीढ़ी की दिशा और दशा तय करने की यह एक प्रयोगशाला है। अतः भारत बीते हुए समय और आगे आने वाले समय के लिए संबंध स्थापित करने के लिए तैयार है।
9.लेखक की दृष्टि में सच्चे भारत के दर्शन कहाँ हो सकते हैं और क्यों ?
उत्तर – लेखक की दृष्टि में सच्चे भारत के दर्शन गाँवों में हो सकते हैं, क्योंकि गाँवों में ही भारत की आत्मा निवास करती है। जहाँ कलकत्ता, बम्बई, मद्रास तथा अन्य शहरों जैसी बनावटी चमक-दमक नहीं मिलती । बल्कि वहाँ जीवन की सादगी, त्याग, प्रेम, उत्कृष्टतम पारस्परिक संबंध आदि देखने को मिलते हैं।
10.लेखक ने नया सिकंदर किसे कहा है? और क्यों?
उत्तर – लेखक ने नया सिकंदर भारत आने वाले उन व्यक्तियों को कहा है जो भारत को समझने, जानने तथा संपूर्ण लाभ प्राप्त करने हेतु यहाँ आने वाले है। लेखक ने कहा है कि नये सिंकदर को यह सोचकर निराश नहीं होना चाहिए कि गंगा और सिंधु नदी के पुराने मैदानों में अब उसके विजय के लिए कुछ भी शेष नहीं रहा है। आज भी यहाँ अध्ययन, शोध विश्व की प्राचीन ज्ञान-विज्ञान तथा बड़ी-बड़ी उपलब्धियाँ प्राप्त की जा सकती है।
11.बढ़ते नाखूनों के द्वारा प्रकृति मनुष्य को क्या याद दिलाती है?
उत्तर – बढ़ते नाखूनों के द्वारा प्रकृति मनुष्य को यह याद दिलाती है कि प्राचीन समय में मनुष्य जंगली था। तब उसे अपनी जीवन की रक्षा के लिए नाखूनों कि जरूरत थी। वे अपने शत्रुओं से रक्षा करने के लिए नाखूनों की सहारा लेते थे। वर्तमान समय में अस्तर के रूप में इसकी आवश्यकता नहीं है। क्योंकि मानव ने अब कई प्रकार के अस्तर – शस्र बना लिए है जैसे; तलवार, तीर बंदूक, तोप, परमाणु बम इत्यादि । परंतु प्रकृति नाखून को जिलाए जा रहे है तथा मानव को यह याद दिलाना चाहते है कि तुम्हारे अंदर पशु वाले गुण अभी भी मौजूद हैं।
12. लेखक द्वारा नाखूनों को अस्र के रूप में देखना कहाँ तक संगत है ?
उत्तर : जब मनुष्य जंगली था, वनमानुष जैसा, तब उसे अपनी रक्षा के लिए नाखूनों की जरूरत थी। वास्तव में, नाखून ही उसके लिए अस्तर (हथियार) थे। वह अयने प्रतिद्रंदवियों से जूझने और उन्हें परास्त करने में अपने नाखूनों की मदद लिया करता था। अतः, लेखक द्वारा नाखूनों को अस्त्र रूप में देखना काफी हद तक संगत है।
13.मनुष्य बार-बार नाखूनों को क्यों काटता है?
उत्तर:- मनुष्य बार-बार नाखूनों इसलिए काटता है कि वह अभी के समय में सभ्य मनुष्य दिखना चाहते है। पहले कि तरह जंगली जानवर जैसा रहना अब मनुष्य को पसंद नहीं है। बड़े-बड़े नाखूनों की जरूरत मनुष्य को प्राचीन समय में था। अब इसकी जरुरत मनुष्य के लिए नहीं हैं जो अस्तर थे। उसे अब मनुष्य काट-छाँटकर कर सौन्दर्य का रूप देने लगा है।
14.देवनागरी लिपि के अक्षरों में स्थिरता कैसे आयी है?
उत्तर :- करीब दो सदी पहले पहली बार देवनागरी लिपि के टाइप बने और इसमें पुस्तकें छपने लगीं । इस प्रकार ही देवनागरी लिपि के अक्षरों में स्थिरता आयी है।
15. देवनागरी लिपि में कौन-कौन-सी भाषाएँ लिखी जाती है?
उत्तर:- देवनागरी लिपि में नेपाल की नेपाली (खसकुरा) व नेवारी भाषाएँ, मराठी भाषा, संस्कृत और हिन्दी भाषा की विविध बोलियाँ लिखी जाती है।
16. नागरी लिवि कब एक सार्वदेशिक लिपि थी?
उत्तर :- ईसा कि 8वीं-11 वीं सदियों में नागरी लिपि पूरे देश में व्याप्त थी। उस समय यह लिपि एक सार्वदेशिक लिपि थी।
17.लेखक को क्यों लगता है कि नौकर रखना बहुत जरूरी हो गया था?
उत्तर – लेखक को नौकर रखना इसलिए जरूरी हो गया था । क्योंकि सारे रिश्तेदार के यहाँ काम करने के लिए नौकर रखा गया था। लेखक की पलि निर्मला अकेले काम करते-करते परेशान हो जाती थी। लेखक जब अपनी बहन की शादी में घर गया था तो उसने देखा की घर का सारा काम नौकर करते थे तथा उनकी भाभी रानी बैठी रहती थी । इसके बाद लेखक की पल्नि भी अपने घर में नौकर रखने कि जिद पकड़ ली। अंततः लेखक को नौकर रखना पड़ा।
18. बहादुर अपने घर से क्यों भाग गया था?
उत्तर – बहादुर की माँ छोटी-छोटी गलतियाँ के कारण उसे हमेशा पीटती थी। बहादुर कभी-कभी पशुओं को चराने के लिए जाता था एक बार की बात है, बहादुर ने अपनी माँ की प्यारी भैंस को मारा मार खाने के बाद भैंस बहादुर की माँ के पास चली जाती है। माँ ने भैंस की मार कि काल्पनिक अनुमान करके गुस्से से बहादुर को बहुत मारी। बहादुर का मन माँ से फट गया और वह अगले दिन सुबह चुपके से दो रुपया लेकर घर से भाग गया।
19.किन कारणों से बहादूर ने एक दिन लेखक का घर छोड़ दिया ?
उत्तर – बहादुर को जब लेखक के घर लाया गया था तो प्रारंभ में उसका देख-भाल अच्छे तरीके से किया गया। परंतु धीरे-धीरे समय बीतने के साथ लेखक के परिवार के सदस्यों का व्यवहार बहादूर के प्रति बदल गया । लेखक का पुत्र किशोर छोटी-छोटी गलतियाँ के कारण बहादूर को मारता -पीटता था। लेखक की पल्ली ‘भी दूसरे के बातों में आकर बहादुर के प्रति अपना व्यवहार बदल दि थी। एक दिन लेखक की पलि के रिश्तेदार ने बहादुर पर झुठा आरोप लगाया कि उसने रिश्तेदार के 11 रु. चुरा लिए है। जबकि बहादुर ने ऐसा कार्य नहीं किया था । उस दिन लेखक भी गुस्से में आकर बहादर को मारता है। बार-बार प्रताड़ित होने से एवं मार खाने के कारण एक दिन अचानक बहादुर लेखक का घर छोड़ दिया ।
20.बहादूर को चले जाने पर सबको पछतावा क्यों होता है?
उत्तर – बहादूर लेखक के घर के सभी कार्य को बड़े ही मन से करता था। घर के जो भी छोटे-बड़े कार्य थे। वह बहादूर के द्वारा ही करवाया जाता था।. जैसे; घर की साफ-सफाई, सभी व्यक्तियों के कपड़े धोना एवं इस्तरी करना, लेखक के पुत्र किशोर के जूते पोलिश करना, साइकिल साफ करना, मालिश करना । इतने कार्य करने के बाद भी बहादूर को मारा-पीटा जाता था। जिसके कारण बहादूर लेखक के घर को छोड़कर चले जाते है। बहादूर के चले जाने पर सबको पछतावा इसलिए होता है कि बहादूर लेखक के परिवार के सभी सदस्यों का देख-भाल अच्छी तरह से करता था। लेकिन अब ऐसा नहीं होने वाला है।
21.परम्परा का ज्ञान किनके लिए आवश्यक है और क्यों?
उत्तर – जो लोग साहित्य में युग – परिवर्तन करना चाहते है तथा क्रांतिकारी साहित्य की रचना करना चाहते उनके लिए साहित्य की परम्परा का ज्ञान आवश्यक है। क्योंकि परम्परा से प्रगतिशील आलोचना का विकास होता है। जिससे साहित्य की धारा मोड़ी जा सकती है और प्रगतिशील साहित्य का निर्माण किया जा सकता है।
22.साहित्य का कौन-सा पक्ष अपेक्षाकृत स्थायी होता है। इस संबंध में लेखक की राय स्पष्ट करें।
उत्तर – लेखक के अनुसार मनुष्य का सारा जीवन साहित्य से जुड़ा होता है। आर्थिक जीवन के अतिरिक्त मनुष्य भी एक प्राणी के रूप में जीवन बिताता है। साहित्य में मनुष्य के आदिम (प्राचीन) भावनाएँ विकसित होती है। जो उसे अन्य से व्यक्ति जोड़ते है। साहित्य सिर्फ एक विचारधारा मात्र नहीं है। है। इसमें मनुष्य का इंद्रियाँ, बोध तथा भावनाएं प्रकट होती है। साहित्य का यह पक्ष अपेक्षाकृत स्थायी होता है।
23.बहुजातीय राष्ट्र की हैसियत से कोई भी देश भारत का मुकाबला क्यों नहीं कर सकता है?
उत्तर – बहुजातीय राष्ट्र की हैसियत से कोई भी देश भारत का मुकाबला नहीं कर सकता क्यों यहाँ की राष्ट्रीयता एक जाति द्वारा दूसरी जातियों पर राजनीतिक अधिकार कायम कर के स्थापित नहीं हुई है। अन्य देश की तुलना में भारत के सामाजिक विकास में कवियों की विशेष भूमिका रही हैं। भारत की संस्कृति लोगों को मिल-जुलकर रहना सिखाती है। यह भावना देश की राष्ट्रीयता की जड़ को मजबूत बनाती है।
24.बिरजू महाराज के गुरु कौन थे। उनका संक्षिप्त में परिचय थे ?
उत्तर – बिरजू महाराज के गुरु उनके बाबूजी थे। बिरजू महाराज को कथक नृत्य का तालीम बाबूजी से मिला था। उनके बाबूजी कथक नृत्य कला में निपुण व्यक्ति थे। उन्हें कला से बहुत प्रेम था। बाबूजी की एक आदत थी कि अपना दुख एवं कष्ट ज्यादा किसी से नहीं कहते थे। वे बड़े दयालू व्यक्ति थे किसी भी व्यक्ति की सहायता करने से कभी भी पीछे नहीं रहते थे। किसी व्यक्ति को पैसे की जरूर पड़ने पर उसे दे देते थे। यदि अपने पास नहं रहते थे तो दूसरे से भी लेकर दे देते थे।
25.लखनऊ, और रामपूर से बिरजू महाराज का क्या संबंध ?
उत्तर – लखनऊ में बिरजू महाराज का जन्म हुआ था। रामपुर में बिरजू महाराज अपने जीवन का अधिक समय बिताया तथा इनके जीवन का बेहतर विकास यहाँ ही हुआ था।
26.नृत्य की शिक्षा के लिए पहले-पहल बिरजू महाराज किस संस्था से जूड़े और किनके संपर्क में आए।
उत्तर – नृत्य शिक्षा के लिए पहले-पहल बिरजू महाराज हिंदुस्तानी डांस म्यूजिक नामक संस्था से जुड़े वहाँ वे कपिलाजी एवं लीला कृपलानी के संपर्क में आये थे।
27.बिरजू महाराज कौन-कौन से वाद्य बजाते थे ?
उत्तर – बिरजू महाराज कई तरह के वाद्य बजाते थे जैसे; सितार, गिटार, बाँसूरी, सरोज, तबला, हारमोनियम इत्यादि ।
28.आविन्यों क्या है और वह कहाँ अवस्थित है?
उत्तर – आविन्यों फ्रांस का एक पुराना शहर है। यह फ्रांस का एक प्रमुख कला केन्द्र भी रहा है। यह दक्षिण फ्रांस में रोन नदी के किनारे स्थित शहर है।
29. हर वर्ष आविन्यों में कब और कैसा समारोह हुआ करता है?
उत्तर :- हर वर्ष गर्मियों में आविन्यो में, फ्रांस और यूरोप का एक अत्यंत प्रसिध्द रंग- समारोह होता है।
30.नदी तट पर बैठे हुए लेखक को क्या अनुभव होता है?
उत्तर – नदी तट पर बैठे हुए लेखक को ऐसा अनुभव होता है कि जल स्थिर है और तट ही बह रहा है। नदी तट पर बैठना भी नदी के साथ बहना है।
31.मछलियों को लेकर बच्चों की अभिलाषा क्या थी ?
उत्तर – मछलियों को लेकर बच्चों की अभिलाषा यह थी कि एक मछली पिताजी से मांगकर कुएं में डाल देगें। फिर उसे बहुत बड़ी करेगे जब मन होगा बाल्टी से निकालकर खेलेंगें बाद में फिर कुएं में डाल देंगे।
32.मछली को छूते हुए संतू क्यों हिचक रहा था ?
उत्तर – मछली को छूते हुए संतू हिचक रहा था क्योंकि उसे डर लग रहा था कि मछली उसे काट लेगी।
33.बिस्मिल्ला खाँ सजदे में किस चीज के लिए गिड़गिड़ाते थे? इससे उनके व्यक्तित्व का कौन-सा पक्ष उद्घाटित होता है?
उत्तर – बिस्मिल्ला खाँ सजदे में खुदा से सच्चे सूर के लिए गिड़गिड़ाते है। वे खुदा से यह मांगते है कि उसे सच्चे सूर की वरदान मिले ताकि शहनाई अच्छे तरीके से बजा पाए इससे यह पता चलता है कि बिस्मिल्ला खाँ एक धार्मिक व्यक्ति थे तथा अपने कार्यो के प्रति ईमानदार व्यक्ति थे।
34.गाँधी जी बढ़िया शिक्षा किसे कहते हैं?
उत्तर – गाँधी जी अहिसंक प्रतिरोध को बढ़िया शिक्षा कहते है। इस तरह की शिक्षा बच्चों को अक्षर-ज्ञान से पहले मिलना चाहिए। सत्य क्या है, प्रेम क्या है, आत्मा क्या है। सत्य से असत्य को हराना, हिंसा को अहिंसा से समाप्त करना।
35.शिक्षा का ध्येय गाँधी जी क्या मानते थे और क्यो ?
उत्तर – शिक्षा का ध्येय गाँधी जी चरित्र निर्माण करना मानते थे। उनके विचार अनुसार शिक्षा के माध्यम से लोगों में साहस, बल, सदाचार जैसे गुणों का विकास होना चाहिए क्योंकि इस तरह के व्यक्तियों के द्वारा ही हमलोगों का समाज संगठित होकर विकास की रास्ता पर अच्छी तरह से चल सकेगा।
36.गाँधी जी किस तरह के सामंजस्य को भारत के लिए बेहतर मानते है और क्यों ?
उत्तर – भारतीय संस्कृति उन भिन्न-भिन्न संस्कृतियों का प्रतीक है जो पूरे भारत में फैले हुए है। जिसका प्रभाव भारतीयों लोगों के जीवन पर भी मौजूद है। यहाँ की संस्कृति में एकता, शांति, अहिंसा एवं सहिष्णुता पाए जाते है। गाँधी जी भारत में मौजूद इस तरह के सामंजस्य के लिए, भारत को बेहतर मानते है।
37.कवि किसके बिना जगत्‌ में यह जन्म व्यर्थ मानता है?
उत्तर – कवि राम नाम के बिना जगत्‌ में यह जन्म व्यर्थ मानता है। राम नाम के बिना व्यतीत होने वाला जीवन विष का भोग करता है।
38.वाणी कब विष के समान हो जाती है?
उत्तर – कवि गुरु नानक के अनुसार जिस मनुष्य के वाणी से राम नाम का उच्चारण नहीं होता है तो वह वाणी विष के समान हो जाती है।
39.हरिरस से कवि का अभिप्राय क्या है ?
उत्तर – गुरु नानक के अनुसार हरिरस का अभिप्राय यह है कि गुरु की कृपा, भगवान हरि के नाम का प्रसाद जब भगवान हरि की कृपा मानव के ऊपर हो जाता है तब उसे दुनिया की माया-मोह से छुटकारा मिल जाती है।
40.कवि ने माली-मालिन किन्हें और क्यों कहा है?
उत्तर – कवि ने माली-मालिन भगवान श्री कृष्ण और राधा को कहा है क्योंकि प्रेम रूपी वाटिका के ये दोनों माली और मालिन है।

निष्कर्ष (Calculation)

यह प्रश्न बोर्ड परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि इसी से बार-बार प्रश्न पूछा जाता है। अतः इसे जरूर याद कर ले।

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